2017हिन्दीमनुष्य का अन्तःकरण सदैव अभावमय क्यों रहता है?A.वह सात्विक जीवन जीने लगता है lB.जितना है उतने से प्रसन्न होने का उसे कभी अवसर नहीं मिलता lC.लोभ की पूर्ति हेतु वह अनेकानेक वस्तुओं की प्राप्ति कर लेता है lD.जितना है उतने से वह प्रसन्न हो जाता है lAnswer under review